चोर जागते रहे, पुलिस सोती रही… मंदिर से 11 भगवान भी ले उड़े!
जैन समाज में आक्रोश, एसडीओ को ज्ञापन देकर विशेष टीम से बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
शिवगंज. विलायती वास स्थित अजीतनाथ 170 भगवान जैन मंदिर में रविवार को अज्ञात चोरों ने मंदिर के ताले तोड़कर 11 पीतल की धार्मिक मूर्तियां चोरी कर लीं. घटना के विरोध और मूर्तियों की शीघ्र बरामदगी की मांग को लेकर बुधवार सुबह समस्त जैन समाज के प्रतिनिधि शिवगंज उपखंड कार्यालय पहुंचे और उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा.ज्ञापन में बताया कि 15 अगस्त की मध्यरात्रि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को भंग करते हुए चोर मुख्य प्रवेश द्वार की जाली नंबर-2 का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुए. इसके बाद अंदर स्थित द्वार का ताला तोड़ा गया तथा मंदिर परिसर में रखे भंडार व अन्य सामान को भी खंगाला गया. 16 अगस्त सुबह करीब 4:30 बजे समाज के सदस्य को मंदिर के ताले टूटे होने की जानकारी मिली. घटनास्थल का निरीक्षण करने पर मंदिर से 11 पीतल की भगवान की धार्मिक मूर्तियां चोरी होने का पता चला. समाज ने कहा कि धार्मिक स्थल में ताले तोड़कर भगवान की मूर्तियां चोरी करना सामान्य चोरी की घटना नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और भावनाओं से जुड़ा गंभीर मामला है. घटना से समाज में आक्रोश, पीड़ा और असुरक्षा की भावना है. पुलिस थाना शिवगंज में प्रकरण दर्ज कर धारा 305 (बी) बीएनएस के तहत अनुसंधान शुरू किया गया है.
सीसीटीवी से लेकर कबाड़ी तक जांच की मांग
जैन समाज ने प्रशासन से मांग की कि घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग तत्काल सुरक्षित कर तकनीकी जांच कराई जाए. साथ ही फिंगरप्रिंट, फुटप्रिंट सहित अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को सुरक्षित करवाकर एफएसएल जांच कराई जाए. चोरी गई मूर्तियों को बेचने या खरीदने की आशंका को देखते हुए कबाड़ी, धातु व्यापारियों और अन्य संदिग्ध ठिकानों की भी गहन जांच करने की मांग की गई. समाज ने चोरी गई सभी 11 मूर्तियों की बरामदगी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित करने, आरोपियों की शीघ्र पहचान कर गिरफ्तारी करने तथा घटना में सहयोग या जानकारी छिपाने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग की.
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग
ज्ञापन में विलायती वास स्थित जैन मंदिर सहित शिवगंज क्षेत्र के अन्य जैन एवं धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने, रात्रिकालीन पुलिस गश्त बढ़ाने तथा जांच की प्रगति और मूर्तियों की बरामदगी के संबंध में मंदिर प्रबंधन व समाज के अधिकृत प्रतिनिधियों को समय-समय पर जानकारी देने की मांग की गई. जैन समाज ने पुलिस एवं प्रशासन से मामले को धार्मिक आस्था से जुड़ा संवेदनशील प्रकरण मानते हुए प्राथमिकता से कार्रवाई करने और चोरी गई मूर्तियों को ससम्मान व सकुशल बरामद कराने की अपेक्षा जताई.

